पथ प्रज्वलित समग्र रत्नगर्भा, जुबां भारती। शौर्य गाथा पर गोधूली अरुणोदय आरती।। पथ प्रज्वलित समग्र रत्नगर्भा, जुबां भारती। शौर्य गाथा पर गोधूली अरुणोदय आरती।...
शत्रु के रक्त से कर विजय अभिमान का दिया उपहार शत्रु के रक्त से कर विजय अभिमान का दिया उपहार
बन नदी से मिल गया वृहत समुद्र क्षीर में। बन नदी से मिल गया वृहत समुद्र क्षीर में।
किसी से कभी नहीं डरा हैै। देश हमारा शोर्य भरा है। किसी से कभी नहीं डरा हैै। देश हमारा शोर्य भरा है।
बहुत कुछ कहना था, बहुत कुछ छूट गया जो गए वक्त के साथ वो फ़साने लिखती हूँ, बहुत कुछ कहना था, बहुत कुछ छूट गया जो गए वक्त के साथ वो फ़साने लिखती हूँ,